Wednesday, 4 July 2018

खामोश अल्फाज

हम तो कब से खामोश हो गए थे , जब तुम चले गए..
ये तो अल्फ़ाज़ों का शोर है जो तुम तक पहुंचता है..
~~~आशीष नौटियाल~~~

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