Thursday, 12 July 2018

तुमसे मुलाकात की बेताबी का आलम क्या कहूँ.. मेरे ख्वाब ,मेरी नींद को दे के रिश्वत .. मुझे जल्दी सुलाते हैं ~~~आशीष नौटियाल~~~

तुमसे मुलाकात की बेताबी
का आलम क्या कहूँ..
मेरे ख्वाब ,मेरी नींद को दे के रिश्वत ..
मुझे जल्दी सुलाते हैं
~~~आशीष नौटियाल~~~

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