Sunday, 10 February 2019
Friday, 8 February 2019
Tum hi nahi
तुम ही नही ,
तुम्हारा एहसास
भी अब हमे छलता है..
चहूँ ओर छाया तिमिर है,
फिर भी हमे
उजाला लगता है
~~आशीष नौटियाल~~
तुम्हारा एहसास
भी अब हमे छलता है..
चहूँ ओर छाया तिमिर है,
फिर भी हमे
उजाला लगता है
~~आशीष नौटियाल~~
Khusboo meri
सजा के रखा
कोने में,
दूसरों को
दिखाने के लिए,
मुरझाने पर मुझे
फेंक आये थे जो
वो पागल अब,
खुशबु मेरी
इत्रों में खोजते हैं
~~आशीष नौटियाल~
Tuesday, 5 February 2019
चुप चुप से तुम
चुप चुप से तुम
कुछ दिनों से
पत्थर बन गए हो..कह दो,
इस पतझड़ में शायद
तुम भी घरौंदा
बदल रहे हो
~~आशीष नौटियाल~~
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