Monday, 9 July 2018

यकीन नही होता

यकीन नही होता यहां किसी को प्यार मिला..
जिसे भी देखा उसे बस इंतजार मिला..
किस मीरा को उसका यहां श्याम मिला..
कहा कभी उसे पागल, कभी  विष का प्याला मिला..

यहां जब भी डालियों में फूल खिला..
उसे बस तोड़ने वाला हाथ मिला..
यहां जब भी बहे प्यार में आँसू..
उन्हें पोछने वाला हाथ ना मिला..

जाने क्यों में इस प्यार की नदी में बह चला..
जनता था यहां कब हीर से राँझा मिला..
वफादारी का मुझे ये इनाम मिला.
खूबसूरत चेहरों से मुझे दगा मिला

ये बातें है ना जाने किस जहां की?
जहां प्यार में दो दिल मिले..
मुझे तो यहां कुछ ना मिला..
तुझे मिल जाए ऐसे तकदीर मिले..

~~~आशीष नौटियाल~~~

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