आओ इन लम्हो की कुछ निशानियाँ रखते हैं..
जिंदगी की गुलक में यादों की चवन्नियां रखते हैं..
भरते हैं इसे अपने खुशनुमा पलों से..
हिलाओ जब तो इसमें हमारे लम्हें खनकते हैं
जिंदगी की गुलक में यादों की चवन्नियां रखते हैं..
हुए कभी दूर ,,या ज़िन्दगी ने रुला दिया..
फोड़ंगे तब इसे ..की सहेजी यादें फिर हंस पड़े..
आओ इन लम्हो की कुछ निशानियाँ रखते हैं..
जिंदगी की गुलक में यादों की चवन्नियां रखते हैं..
~~~©आशीष नौटियाल~~~
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