झुकी सी नज़र में कैसे तेरी आँखों का दीदार होगा.. महोब्बत में आंखों की मुलाकात जरूरी है जालिम.. कब तक मेरी आँखों को यूँही एकतरफा प्यार होगा.. ~~~आशीष नौटियाल~~~
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