Saturday, 7 July 2018

हमारे दिल के कत्ल के गुनाहगार भी हम ही थे.. जो उनकी मुफ़लसी की जरुरत को इश्क़ समझ बैठे ~~~आशीष नौटियाल~~~

हमारे दिल के कत्ल के गुनाहगार भी हम ही थे..
जो उनकी मुफ़लसी की जरुरत को इश्क़ समझ बैठे
~~~आशीष नौटियाल~~~

No comments:

Post a Comment