भीगे जो बारिश में सारे रंग उतर गए..
बेरंग फीका सा कागज कोरा सा हूँ..
रंगरेज तू फिर रंग ना दे मुझे.
मिट्टी से लिपटकर मिट्टी का हो गया हूँ..
भीगे जो बारिश में सारे रंग उतर गए..
बेरंग फीका सा कागज कोरा सा हूँ..
रंगरेज तू फिर रंग ना दे मुझे.
मिट्टी से लिपटकर मिट्टी का हो गया हूँ..
~~~आशीष नौटियाल~~~
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