Tuesday, 7 August 2018

बुझा दो सूरज ..चाँद को बादलो से ढक दो..
श्याह कर दो ये गली. मोहल्ला.
फिर देखो जो घर जलता हो मसाल सा.
ये उसका ही है जो शहीद हुआ है देश के लिए..
~~~आशीष नौटियाल~~~

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