तुम जो देखते हो मुझे..
खिलखिलाते हुए ,..
मस्ती में चूर , ज़िन्दगी जीते हुए..
शायद तुम्हें पता नही..
खाली कमरों में गूँज ज़्यादा होती है
~~~आशीष नौटियाल~~~
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