Thursday, 22 November 2018

ऐ हवाओं बेगैरत होकर , मुझ से रिश्वत ले लो. और उड़ा के जुल्फे उनके रुखसार से.. उनका दीदार करा दो. ~~आशीष नौटियाल~~

ऐ हवाओं बेगैरत होकर ,
मुझ से रिश्वत ले लो.
और उड़ा के जुल्फे
उनके रुखसार से..
उनका दीदार करा दो.

~~आशीष नौटियाल~~

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