चमकते बाज़ार में सजा सुख.. धन से जो मिलता.. अल्प है,,विनाशी है ,असत्य है मिले जो सुख धन से तो सिद्धार्थ कभी "बुद्ध" वर्द्धमान कभी "महावीर" ना बनता.. ~~~आशीष नौटियाल~~~
Nice lines
Thnx
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