तुम जो गए हो ,
कभी ना लौट आने को..
सत्य है , मुझे है पता
अब तुम कभी लौटोगे नही..
पर ये इंतजार तुम्हारा भाता है मुझे.
क्योंकि इसमें तुम हो ,में हूँ , और कोई नही.
ऐसा एकांत हमदोनो को मिला ही कहाँ था..
अब बस तुम हो, मैं हूँ, और कोई नही..
~~~आशीष नौटियाल~~
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