Friday, 8 February 2019

Khusboo meri

सजा के रखा 
कोने में,
दूसरों को 
दिखाने के लिए,
मुरझाने पर मुझे 
फेंक आये थे जो
वो पागल अब,
 खुशबु मेरी 
इत्रों में खोजते हैं

~~आशीष नौटियाल~



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