Wednesday, 9 January 2019

बिजली की तार में, उलझी हुई पतंगो ने .. तेरे शहर का मिजाज बयां कर दिया.. ये पंख तो देता है मगर, उड़ने को आसमां नही ~~आशीष नौटियाल~~

बिजली की तार में,
उलझी हुई पतंगो ने ..
तेरे शहर का मिजाज बयां कर दिया..
ये पंख तो देता है मगर,
उड़ने को आसमां नही
~~आशीष नौटियाल~~

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